January 24, 2026

    गजट नोटिफिकेशन की फीस कितनी है?

    भारत में गजट नोटिफिकेशन की फीस कितनी होती है? नाम परिवर्तन की पूरी प्रक्रिया, सरकारी शुल्क, अख़बार खर्च, वकील की फीस और कुल लागत की विस्तृत जानकारी यहाँ पढ़ें।

    भारत में गजट नोटिफिकेशन की फीस कितनी होती है?

    पूरी प्रक्रिया, खर्च का ब्रेकअप और वकील की फीस की विस्तृत जानकारी

    जब कोई व्यक्ति शादी के बाद, तलाक के बाद, नाम की स्पेलिंग सुधार के लिए, उपनाम बदलने के लिए या व्यक्तिगत कारणों से कानूनी रूप से नाम परिवर्तन करना चाहता है, तो गजट नोटिफिकेशन (Gazette Notification) सबसे मजबूत और स्थायी तरीका माना जाता है।

    लेकिन लगभग हर व्यक्ति के मन में यह सवाल होता है –
    “गजट नोटिफिकेशन करवाने में कुल कितना खर्च आता है?”

    इसका उत्तर एक ही राशि में नहीं दिया जा सकता, क्योंकि गजट प्रक्रिया कई चरणों में पूरी होती है और हर चरण का अलग खर्च होता है। इस ब्लॉग में हम एक-एक स्टेप में पूरा खर्च विस्तार से समझेंगे।


    गजट नोटिफिकेशन की फीस किन-किन चीज़ों से मिलकर बनती है?

    गजट नोटिफिकेशन का खर्च मुख्य रूप से इन हिस्सों में बंटा होता है:

    1. शपथ पत्र (Affidavit) का खर्च

    2. अख़बार में नाम परिवर्तन विज्ञापन का खर्च

    3. गजट प्रकाशन की सरकारी फीस

    4. गजट नोटिफिकेशन PDF / कॉपी का खर्च

    5. वकील या प्रोफेशनल सेवा शुल्क (यदि लिया जाए)

    अब इन सभी को एक-एक करके समझते हैं।


    चरण 1: नाम परिवर्तन के लिए शपथ पत्र (Affidavit) का खर्च

    शपथ पत्र गजट प्रक्रिया का आधार होता है। इसमें यह घोषणा होती है कि:

    • आपका पुराना नाम क्या है

    • नया नाम क्या होगा

    • नाम परिवर्तन का कारण क्या है

    • यह परिवर्तन किसी धोखाधड़ी के उद्देश्य से नहीं है

    खर्च का विवरण:

    • स्टाम्प पेपर: ₹10 से ₹50 (राज्य अनुसार)

    • नोटरी शुल्क: ₹100 से ₹300

    • ड्राफ्टिंग शुल्क (यदि वकील से बनवाया): ₹200 से ₹500

    कुल शपथ पत्र खर्च:

    👉 ₹200 से ₹800

    ⚠️ गलत फॉर्मेट या गलत शब्दों वाला शपथ पत्र गजट रिजेक्शन का सबसे बड़ा कारण होता है।


    चरण 2: अख़बार में नाम परिवर्तन का विज्ञापन खर्च

    गजट से पहले नाम परिवर्तन की सूचना सार्वजनिक करने के लिए अख़बार में विज्ञापन देना पड़ता है।

    आमतौर पर:

    • 1 अंग्रेज़ी अख़बार

    • 1 स्थानीय भाषा (हिंदी/राज्य भाषा) का अख़बार

    खर्च किन बातों पर निर्भर करता है?

    • शहर/जिला

    • अख़बार का सर्कुलेशन

    • विज्ञापन का साइज

    औसत खर्च:

    • अंग्रेज़ी अख़बार: ₹600 – ₹1500

    • स्थानीय भाषा अख़बार: ₹400 – ₹1200

    कुल विज्ञापन खर्च:

    👉 ₹1,000 से ₹3,000


    चरण 3: गजट प्रकाशन की सरकारी फीस

    यह वह फीस होती है जो सीधे गजट कार्यालय में जमा की जाती है।

    🔹 राज्य गजट (State Gazette) की फीस

    • शादी के बाद नाम परिवर्तन

    • उपनाम परिवर्तन

    • सामान्य स्पेलिंग सुधार

    फीस:
    👉 ₹800 से ₹1,700


    🔹 केंद्र गजट (Central Gazette) की फीस

    • पासपोर्ट अपडेट

    • विदेश यात्रा

    • ऑल इंडिया वैलिडिटी

    फीस:
    👉 ₹1,100 से ₹2,000

    केंद्र गजट थोड़ा महँगा होता है लेकिन इसकी स्वीकार्यता पूरे भारत में अधिक होती है।


    चरण 4: गजट नोटिफिकेशन PDF / कॉपी का खर्च

    गजट में नाम प्रकाशित होने के बाद:

    • PDF कॉपी

    • या प्रमाणित प्रति

    की ज़रूरत पड़ती है।

    खर्च:

    👉 ₹100 से ₹300
    (कई बार यह फीस पैकेज में शामिल होती है)


    बिना वकील के कुल सरकारी खर्च कितना आता है?

    चरण अनुमानित खर्च
    शपथ पत्र ₹200 – ₹800
    अख़बार विज्ञापन ₹1,000 – ₹3,000
    गजट फीस ₹800 – ₹2,000
    PDF / कॉपी ₹100 – ₹300
    कुल खर्च ₹2,100 – ₹6,000

    👉 यही भारत में गजट नोटिफिकेशन का वास्तविक सरकारी खर्च है।


    वकील या प्रोफेशनल कितनी फीस मांग सकता है?

    बहुत से लोग गलती से आवेदन रद्द होने, देरी या तकनीकी परेशानी से बचने के लिए वकील या प्रोफेशनल सेवा लेते हैं।

    वकील की फीस किन बातों पर निर्भर करती है?

    • शहर (मेट्रो या छोटा शहर)

    • केस की जटिलता

    • राज्य या केंद्र गजट

    • क्या पूरी सेवा ली जा रही है या आंशिक


    वकील / प्रोफेशनल फीस का सामान्य रेंज

    🔹 बेसिक सहायता (केवल ड्राफ्टिंग + गाइडेंस)

    👉 ₹2,000 – ₹4,000

    🔹 पूरी एंड-टू-एंड सेवा

    • शपथ पत्र

    • अख़बार विज्ञापन

    • गजट आवेदन

    • फॉलोअप

    • PDF उपलब्ध कराना

    👉 ₹5,000 – ₹12,000

    🔹 मेट्रो / अर्जेंट / पासपोर्ट केस

    👉 ₹15,000 – ₹25,000

    ⚠️ ₹25,000 से अधिक फीस केवल कोर्ट ऑर्डर या विशेष मामलों में ही उचित मानी जाती है।


    वकील के साथ कुल खर्च कितना हो सकता है?

    सेवा प्रकार कुल खर्च
    स्वयं आवेदन ₹2,100 – ₹6,000
    प्रोफेशनल सहायता ₹5,000 – ₹12,000
    प्रीमियम केस ₹15,000+

    गजट नोटिफिकेशन में खर्च बढ़ने के कारण

    • नाम की स्पेलिंग mismatch

    • गलत शपथ पत्र

    • अधूरे दस्तावेज़

    • आवेदन रिजेक्शन

    • पुनः विज्ञापन

    सही मार्गदर्शन से यह अतिरिक्त खर्च आसानी से बचाया जा सकता है।


    क्या गजट नोटिफिकेशन का खर्च वाजिब है?

    हाँ। क्योंकि:

    • गजट नोटिफिकेशन आजीवन वैध होता है

    • बार-बार नाम सुधार से बचाता है

    • पासपोर्ट, आधार, पैन, बैंक, कोर्ट – हर जगह मान्य

    • भविष्य के कानूनी विवाद से सुरक्षा देता है

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    निष्कर्ष

    भारत में गजट नोटिफिकेशन की फीस समझना बहुत ज़रूरी है ताकि कोई आपको गलत जानकारी देकर ज़्यादा पैसे न वसूल सके
    सही जानकारी, सही प्रक्रिया और सही मार्गदर्शन से नाम परिवर्तन एक सरल, सुरक्षित और स्थायी प्रक्रिया बन जाती है।

     अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न 

    प्रश्न 1: क्या गजट नोटिफिकेशन अनिवार्य है?

    उत्तर:
    हर केस में अनिवार्य नहीं, लेकिन सबसे सुरक्षित और मान्य प्रमाण है।


    प्रश्न 2: क्या बिना वकील के गजट कराया जा सकता है?

    उत्तर:
    हाँ, लेकिन छोटी गलती भी आवेदन रिजेक्ट करवा सकती है।


    प्रश्न 3: क्या गजट फीस रिफंड होती है?

    उत्तर:
    नहीं, सरकारी फीस नॉन-रिफंडेबल होती है।


    प्रश्न 4: गजट नोटिफिकेशन में कितना समय लगता है?

    उत्तर:
    आमतौर पर 2 से 6 सप्ताह।


    प्रश्न 5: क्या केंद्र गजट ज़रूरी है?

    उत्तर:
    पासपोर्ट और विदेश मामलों में अधिक उपयोगी होता है।

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