July 9, 2025

    पासपोर्ट में नाम कैसे बदलें – आसान प्रक्रिया और दस्तावेज़

    By LSO Legal TeamUpdated: July 2025 Name Change, Passport
    पासपोर्ट में नाम बदलना आसान है, बस सही दस्तावेज़ और सही प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है। चाहे शादी के बाद उपनाम बदलना हो, तलाक के बाद नाम वापस लेना हो, या पूरे नाम में बदलाव—भारत सरकार के नियम स्पष्ट हैं।

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    पासपोर्ट में नाम परिवर्तन कैसे करें?

    भारतीय पासपोर्ट एक यात्रा दस्तावेज़ होता है जिसे भारत सरकार द्वारा जारी किया जाता है। यह दस्तावेज़ अन्तर्राष्ट्रीय यात्रा के लिए आवश्यक होता है और यह प्रमाण होता है कि आप भारत के नागरिक हैं। इसमें व्यक्ति की मूल जानकारी जैसे नाम, जन्म तिथि, फ़ोटो और हस्ताक्षर दर्ज होते हैं।

    भारत का कोई भी नागरिक जो विवाह, पुनर्विवाह, तलाक या कानूनी नाम परिवर्तन के बाद पासपोर्ट में अपना नाम बदलवाना चाहता है, लेकिन प्रक्रिया की जानकारी न होने के कारण वह सही दिशा और मार्गदर्शन नहीं ले पाता। परिणामस्वरूप, वह अपना क़ीमती समय गंवा देता है और अंत में उसे यह समझ आता है कि यदि यह कार्य सही तरीके से, सही दिशा और मार्गदर्शन में किया गया होता, तो परिणाम जल्दी मिलते और अनावश्यक परेशानियों से बचा जा सकता था।

    इसीलिए, एलएसओ लीगल प्राइवेट लिमिटेडअपने वरिष्ठ एवं अनुभवी पैनल अधिवक्ता के माध्यम से ऐसे नागरिकों को समुचित दिशा व मार्गदर्शन प्रदान करता है।

    अब नीचे एक-एक करके पूरी प्रक्रिया को समझते हैं –

    नया नाम तभी वैध माना जाता है जब उसे सरकारी रूप से मान्यता प्राप्त हो

    जब कोई व्यक्ति अपना नाम बदलता है, तो केवल मौखिक या व्यक्तिगत रूप से नाम बदल लेना काफ़ी नहीं होता। कानूनन किसी भी नाम को वैध तभी माना जाता है जब वह नाम सरकारी रिकॉर्ड में मान्यता प्राप्त हो जाए  यानी कि उसे आधिकारिक रूप से किसी सरकारी प्रक्रिया के माध्यम से स्वीकृत और दर्ज किया गया हो।

    इस प्रक्रिया के लिए व्यक्ति को तीन आवश्यक चरणों का पालन करना होता है। तभी नया नाम हर दस्तावेज़ और सरकारी प्रणाली में पूरी तरह वैध माना जाता है।

    यदि आप चाहते हैं कि आपका नया नाम पासपोर्ट में बिना किसी आपत्ति के स्वीकार हो
    तो आपको निम्नलिखित तीन चरणों को पूरा करना अनिवार्य है:

    चरण 1: एफिडेविट (हलफ़नामा) बनवाना

    नाम परिवर्तन की प्रक्रिया की शुरुआत एक एफिडेविट (शपथ पत्र) से होती है, जिसे स्टांप पेपर पर बनवाया जाता है। इस एफिडेविट में आपको स्पष्ट रूप से यह बताना होता है कि:

    • आप स्वेच्छा से अपना नाम बदल रहे हैं
    • आपका पुराना नाम और नया नाम क्या है
    • नाम परिवर्तन का कारण क्या है

    एक बार यह एफिडेविट तैयार हो जाए, तो उसे नोटरी पब्लिक से सत्यापित कराना होता है। लेकिन कुछ मामलों में साधारण नोटरी सत्यापन पर्याप्त नहीं होता:

    कब ज़रूरी है प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट से सत्यापन?


    अगर आप ऐसा उपनाम रख रहे हैं जो आपके माता-पिता द्वारा कभी उपयोग नहीं किया गया है,
    या नाम परिवर्तन का कारण गोद लेना, लिंग परिवर्तन तो ऐसे मामलों में यह एफिडेविट प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट से सत्यापित कराना अनिवार्य हो जाता है।

    यह प्रक्रिया सुनने में थोड़ी जटिल लग सकती है जैसे एफिडेविट कैसे बनवाएं? कहाँ जाएं? किससे सत्यापित करवाएं?
    लेकिन यदि आप सही मार्गदर्शन में आगे बढ़ते हैं, तो यही पहला चरण आपकी पूरी कानूनी प्रक्रिया की नींव बन जाता है।

    चरण 2: समाचार पत्र में विज्ञापन देना

    नाम परिवर्तन की प्रक्रिया का दूसरा आवश्यक चरण है समाचार पत्र में विज्ञापन (लोक सूचना) प्रकाशित करना।
    यह एक कानूनी औपचारिकता नहीं, बल्कि अनिवार्य प्रक्रियाहै, जिसका उद्देश्य है कि आपकी नाम परिवर्तन की जानकारी सार्वजनिक रूप से रिकॉर्ड में दर्ज हो।

    इस विज्ञापन को आपको राष्ट्रीय स्तर के हिंदी या अंग्रेज़ी समाचार पत्र में प्रकाशित कराना होता है ।

    विज्ञापन प्रकाशित करते समय ध्यान रखने योग्य बातें:

    • राष्ट्रीय अख़बार ही चुनें
      विज्ञापन केवल राष्ट्रीय स्तर के हिंदी या अंग्रेज़ी समाचार पत्र में ही मान्य होता है।
      स्थानीय या क्षेत्रीय भाषा के समाचार पत्र मान्य नहीं माने जाते।
    • मूल अख़बार की प्रति जमा करें
      जब आप अगला आवेदन करेंगे (राजपत्र या अन्य दस्तावेज़ों के लिए), तो विज्ञापन की कटिंग या फोटोकॉपी स्वीकार नहीं की जाती।
      पूरा अख़बार (मूल प्रति) ही जमा करना अनिवार्य होता है।

    यदि इन निर्देशों का सही तरीके से पालन न किया जाए, तो आपकी पूरी प्रक्रिया रोक दी जा सकती है या आवेदन अस्वीकृत हो सकता है।

    इसलिए सलाह यही दी जाती है कि आप इस चरण को किसी अनुभवी व्यक्ति या संस्था के मार्गदर्शन में पूरा करें ताकि आपकी नाम परिवर्तन प्रक्रिया सुचारू और बिना बाधा के पूरी हो सके।

    चरण 3: राजपत्र अधिसूचना करवाना

    नाम परिवर्तन की सबसे अंतिम और कानूनी रूप से सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है। इसके लिए आपको केंद्र या राज्य सरकार के राजपत्र विभाग में आवेदन करना होता है। लेकिन पासपोर्ट जैसे मामलों में केंद्र सरकार के राजपत्र विभाग में आवेदन करना अधिक उपयुक्त होता है।

    ऐसा नहीं है कि राज्य सरकार का राजपत्र मान्य नहीं है दोनों ही मान्य होते हैंलेकिन केंद्र सरकार का राजपत्र अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक मान्यता प्राप्त होता है।

    राजपत्र प्रकाशित होने के बाद पासपोर्ट में नाम परिवर्तन की प्रक्रिया

    राजपत्र में नाम प्रकाशित होने के पश्चात, उसकी डिजिटल प्रति को डाउनलोड करके प्रिंट निकालें और पासपोर्ट सेवा केंद्र में नाम परिवर्तन के लिए अपॉइंटमेंट बुक करें।
    निर्धारित तिथि पर अपने सभी आवश्यक दस्तावेज़ों के साथ उपस्थित हों और आवेदन जमा करें।

    इस प्रक्रिया में राजपत्र की प्रति सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज़ होती है, क्योंकि इसी के आधार पर पासपोर्ट प्राधिकरण आपके नए नाम को स्वीकार करता है।

    सही मार्गदर्शन उन्हीं को मिलता है, जिनमें जानने की जिज्ञासा होती है

    आप इस लेख को पढ़ने आए हैं, इससे यह स्पष्ट होता है कि आप भारत के एक जागरूक नागरिक हैं।
    इस जागरूकता के कारण ही आप सही मार्गदर्शन तक पहुँच सकते हैं। सही मार्गदर्शन मिलना भी उसी के लिए संभव होता है, जिसके भीतर जानने की इच्छा और नया सीखने की उत्सुकता होती है।

    LSO Legal Private Limited के 22 वर्षीय वरिष्ठ  एवं अनुभवी पैनल अधिवक्ताओ का सही, सरल और निर्देशात्मक मार्गदर्शन प्राप्त कर पासपोर्ट में नाम परिवर्तन की प्रक्रिया को सहज रूप से पूर्ण कर सकते हैं।मार्गदर्शन प्राप्त करने हेतु अभी आवेदन करें।

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    अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न 

    प्रश्न1: शादी के बाद अगर मैं पति का नाम या उपनाम पासपोर्ट में जोड़ना चाहूं, तो क्या प्रक्रिया है?

    अगर आप शादी के बाद अपने पति का नाम उस स्थान पर जोड़ना चाहती हैं जहाँ पहले पिता का नाम होता है, तो आधार में नाम अपडेट करके उसी के आधार पर पासपोर्ट में पति का नाम जुड़वाया जा सकता है।

    लेकिन यदि आप पति का उपनाम (Surname) अपने नाम के साथ जोड़ना चाहती हैं, तो इसके लिए राजपत्र (Gazette) प्रकाशन आवश्यक होता है।
    अधिकांश पासपोर्ट सेवा केंद्रों में गजट की प्रति ही मांगी जाती है, और उसी के आधार पर पासपोर्ट में नाम परिवर्तन किया जाता है।

    प्रश्न2: पासपोर्ट में नाम बदलवाने की प्रक्रिया क्या है?

    पासपोर्ट में नाम परिवर्तन की प्रक्रिया यह है कि सर्वप्रथम आपको राजपत्र (Gazette) में अपना नाम प्रकाशित कराना होता है। यह एक कानूनी प्रक्रिया है, जिसमें गजट नोटिफिकेशन आवश्यक होता है। इसके बाद आप पासपोर्ट सेवा केंद्र में गजट की प्रति और अन्य आवश्यक दस्तावेज़ों के साथ आवेदन करके अपना नाम बदलवा सकते हैं।

    प्रश्न3: पासपोर्ट री-इश्यू का फॉर्म कहां मिलेगा?

    पासपोर्ट री-इश्यू के लिए आवेदन फॉर्म भरने के लिए सबसे पहले आपको पासपोर्ट सेवा की आधिकारिक वेबसाइट www.passportindia.gov.in पर जाना होगा। होमपेज पर "User Login" का विकल्प मिलेगा, जिस पर क्लिक करें। फिर अपनी Login ID दर्ज करें और "Continue" पर क्लिक करें। अगले पेज पर पासवर्ड और कैप्चा भरकर लॉगिन करें। लॉगिन के बाद कई विकल्प दिखाई देंगे, जिनमें से "Re-issue of Passport" विकल्प को चुनें। इसके बाद "Click here to fill the application form" पर क्लिक करें। अब आपके सामने री-इश्यू पासपोर्ट का फॉर्म खुल जाएगा, जिसे आप ऑनलाइन भर सकते हैं।

    Call/Helpline: 9171052281 | 07554222969  8109631969'

    WhatsApp: +91 8109631969

    Email: support@lsolegal.com | Website: https://lsolegal.com

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